कविता- छोटी सी मेमोरी कार्ड


छोटी सी मेमोरी कार्ड संग्रह कैसे करूं अपनी बात।

कोशिश तो दिन -रात  करती हुं,
लेकिन समय आने पर भूल जाती हुं कोई बात।

साइंस में कमजोर हुं आर्ट में माहिर हुं।
शांत स्वभाव अपना ,दिल की जागिर हुं।

लेकिन समस्या हल कैसे करूं समझ नहीं आता।
मन चंचल है, बड़ी-बड़ी बातें मुझे नहीं बुझाता।

पढ़-पढ़कर अभी बहुत आगे बढ़ना है।
कठिन मुसीबतों को लड़ना है।

छोटी सी मेमोरी कार्ड संग्रह ,
कैसे करूं अपनी बात।

छोटी सी मेमोरी कार्ड संग्रह,
कैसे करूं अपनी बात।

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