कविता -भारतभूमि

भारतभूमि


भारतभूमि गुणों का वर्णन। कवित्री प्रेमलता ब्लॉग एक कविता का ब्लॉग है जिसमे कविता, शायरी, poem, study guide से संबंधित पोस्ट मिलेंगे  रूपा,इंसाफ


भारतभूमि सोंधी खुशबू से भरा है।

तपोंवन वातावरण  से हरा है।

तीर्थस्थल जाननी भूमि देवताओं का वास है।

गंगा,जमुना,सरस्वती प्रयागराज तिरबेनी पास है।


साधु संत ऋषि मुनि करते हरि ध्यान है।

देश - विदेश से घूमने आते देते प्रभु को मान है।

भक्ति विश्वास से ओत - प्रोत लेते हरि का नाम है।

भजन कीर्तन में रमे करते आरती सुबह- शाम है।


भारत भूमि कर्मभूमि पुष्प देते अभिलाषा है।

पशु - पक्षी रमण करते प्रकृति श्रृंगार की आशा है।

भारत भूमि पुण्य भूमि कण- कण में अमृत समाया है।

जन जन कल्याण को विष्णु इस धरा पर आया है।


श्याम इस धरा में आए मिट्टी को मिठाई की तरह खाया है।

रोहिदास,तुलसीदास सबने दर्शन पाया है।

भारतभूमि दानवीर से प्रफुल्लित योद्धाओं को पाया है।

धर्मवीर युधिष्ठिर , कर्मवीर अभिमन्यु गौरव गाया है।


 राजाओं की कथा बड़ी प्रचलित मनमुग्ध कर लेती है।

प्राचीन शिल्पकार मूर्ति ज्ञान के मार्ग खोल देती है।

सबके दिलो में अपनेपनका बीज बोती है।

बीते कल को जानने का एक मौका देती है


भारतभूमि की महिमा अपार है।

गुण विख्यात भक्ति निराकार है ।

वनों को देवता मानते देते रूप साकार है।

भारतभूमि जगतजन्नी देती सबको आकार है।