सुविचार - नीति की बात
1) रूप नहीं सद्गुण काम आती है।
ईष्य कपट नहीं प्यार ही मन लुभाती है।
सोचने से काम नहीं होता ।
काम तो करने से होती है ।
2) दिखावे की पोस्ट करने से किसी की मदद नहीं होती।
ओ तो बिना स्वार्थ के आप किसी जरूरतमंद
को कुछ दो ओ मदद कहलाती है।
3) बोलने से कुछ नहीं होता
अपनी जिंदगी में अमल करने से होता है।
4)वेद पुराण पढ़ने से कोई ज्ञानी नही बन जाता।
माला जपने से कोई ध्यानी नहीं बन जाता।
5)भटके राही को राह दिखाए
वहीं गुरु कहलाएं।
6)आचरण तो मां पापा सिखाते है।
अंधेरों से उजाला भगवान दिखाते है।
7)प्यारी सी मुस्कान चेहरे को रोनक बनाती है।
गमों को खुशियों में बदलना,
नई किरण की सन्देश सुनाती है।