कान्हा सायरी special


चंचलता आंखो me दिखाई de
लहराते उमंग बातों me दिखाई de
धड़कन की मुस्कान चेहरे me dikhai de 
Chehre ke रौनक लब्जो me दिखाई de
Chalte कदम गुनगुनाते पंछी 
मौसम me dikhai de.

प्यार की रोग ऐसा रोग जिसकी दवाई डॉक्टर के पास भी नहीं।
 मन करो खुद कंट्रोल ये हंड्रेड परसेंटेज बात सही।

प्यार एक वरदान है ।
निभाएं ओ मुरली वाला घनश्याम है।

राधा चली डगर डगर सांवरे से छुप chhupate
कान्हा की बंशी ऐसी चली जिसे सुन गोपियां भी मग्न हो जाते।

दिल की बात तो कान्हा ही जाने,
बिन उसे देखे मन नहीं माने।

मोहनी सूरत में दिल दीवाना हो गया,
आगे पीछे उसे देखूं मन मस्ताना हो गया।

गुलाबी पतले होंट में बंशी की धुंध प्यारी लगे,
हर अंदाज तेरा कान्हा न्यारी लगे।

मीठी मीठी बातों में झूठी बात भी रसीली लगे,
मेरे नटखट श्याम की बंशी अनोखी सुरीली लगे।

धीरे धीरे चलना हिरनी की चाल,
तुझे देखे गोपियां सब मनमुग्ध ग्वाल बाल।

नयन में सूरमा घुंघराले बाल छवि तेरी मै निहार।
माथे में मोर मुकुट कर रहे यमुना किनारे बिहार।


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