जड़ चेतन वृक्ष

जड़ चेतन वृक्ष

 कविता - जड़ चेतन वृक्ष


जड़ चेतन है वृक्ष ।

हमारे जीवन का आस है वृक्ष।

 इसमें जीव -जंतु का जीवन है संपन्न।

 बरगद पीपल जैसे वृक्षों को करते हैं नमन।

 नीम पेड़ में शीतला माता का वास पूर्वज ने माना।

 पर्यावरण अमूल्य धरोहर सबने जाना।

 वृक्षों से जड़ी-बूटी मिलती है ,

जो सर्दी बुखार को ठीक कर देती है।

 इन जड़ी-बूटियों से कई बीमारियां दूर होती है।

 पर्यावरण से ही हमें लाइलाज दवाई मिलती है।

वृक्ष परोपकारी है सबको अपना मानती है।

भेदभाव छुआ - छू त ना किसी से मानती है।

चंदन में विषैले सर्प भी वास करते है।

फिर भी इससे जन तलाश करते है।

वृक्ष स्थिर सबके हृदय को देखती रहती।

अपनी पत्तों की सनसनाहट से कुछ कहती रहती।

मानो बोलती में ही तेरे जीवन का आधार हूं।

तेरे भोजन का आहार हूं।

मुझे छीन करोगे तो कड़ी सजा तुम्हे मिलेगा।

मै न रहूंगा इस जहां में तो क्या हुआ

तू भी नही बचेगा।

जड़ चेतन वृक्ष हमें सावधान करती है।

प्रकृति की हर तरह से गुणगान करती है।

जड़ चेतन है वृक्ष

हमारे जीवन का आस  है वृक्ष।


कवित्री प्रेमलता साहू


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