कविता - भारत माता के हम संतान🇪🇬

एक जिगर, एक जान ,एक है  हम सब की पहचान।

 भारतमाता के हम संतान ।
भारतमाता के हम संतान ।

इस मिट्टी में पले बढ़े,
 स्वतंत्रता के पद पर अड़े रहे।
आज हमारे चेहरे पर है मुस्कान ।

भारत माता की हम संतान ।
भारत माता की हम संतान।

 हौसला था जो वीर जवानों का बुलंद,
 स्वतंत्रता का आ गया शुभ पर्व आनंद।
 अब सभी हिंदुओं में एकता है महान।

 भारत माता की हम संतान।
भारत माता के हम संतान।

 महात्मा गांधी ,सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद,
देश प्रेमियों का हो गया सपना साकार।
तभी आया स्वतंत्रता का हरियाली बहार।

अब आ गया भारत माता के बेटे के मुख पर ।
जय हिन्द की नारा का गुणगान।
भारत माता के हम संतान।
भारत माता के हम संतान।

 इस देश के कोने -कोने में मातृभूमि की खुशबू महक उठा । 
स्वतंत्रता की हरियाली दमक उठा ।

आ गया देशभक्तों की शुभ नाम,
 भारत माता के हम संतान।
 भारत माता के हम संतान ।

एक जिगर ,एक जान, एक है हम सब की पहचान।
भारतमाता के हम संतान।
 भारतमाता के हम संतान।🇪🇬
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🇪🇬👰

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