सायरी - होली special

होली की बेस्ट सायरी
होली त्यौहार की सायरी है  कवित्री प्रेमलता ब्लॉग एक कविता का ब्लॉग है जिसमे कविता, शायरी, poem, study guide से संबंधित पोस्ट मिलेंगे  रूपा,इंसाफ डर


 रंगीले बहार है मौसम खुमार है।
सबके चेहरे में आज एक नई चमक है
क्योंकि होली का त्यौहार है।

पिचकारी से खेले रंग लगाएं।
सबके होंटों में मुस्कान बिखेरे
आओ सबको गले लगाएं।

निखर रही मौसम है।
गा रही कोयल मधुर सरगम है।
रंग बसंती में भीगे चुनरिया
जब साथ कोई हमदम है।

धूम मचाती होली आई ।
रंग बहार की टोली आई।
सब झूमे आनंद मनाएं।
अपनों की प्यार लेते होली आई ।

नीली, पीली पिचकारी लाल रंग मन को भाती है।
होलिका की कथा निकलती,
प्रहलाद भक्ति की महिमा सुनाती है।
होली त्यौहार की सायरी है  कवित्री प्रेमलता ब्लॉग एक कविता का ब्लॉग है जिसमे कविता, शायरी, poem, study guide से संबंधित पोस्ट मिलेंगे  रूपा,इंसाफ डर


होली का त्यौहार नीति की जीत ।
अनीति की हार का शुभ संकेत देता है।
प्रहलाद की भगवान ऊपर विश्वास,
शुद्ध मन कर होली के रंग में तन भिंगों देता है।

नारायण नारायण की मंत्र प्रहलाद ने पुकारा।
भक्तों की पुकार सुन श्री हरि विष्णु आया।

होली खेले रघुवीर संग में बाके बिहारी कबीर।
होली में भव तल झुमा,
झूम गए भक्त अरदास,सूरदास,महावीर।



0 Comments:

कवित्री प्रेमलता ब्लॉग एक कविता का ब्लॉग है जिसमे कविता, शायरी, poem, study guide से संबंधित पोस्ट मिलेंगे
और अधिक जानकारी के लिए हमसे जुड़े रहे।
Email id
Sahupremlata191@gmail.com